कोरबा:- कोरबा कोतवाली क्षेत्र में एक बाइक सवार ने टीपी नगर में आरकेटीसी सह के कार्यालय पर गोली चलाई और एक पर्चा फेंका है, जिसमें झारखंड में एक माइनिंग विवाद का उल्लेख है। गोली ऑफिस के शीशे पर लगी है। बाइक सवार के लिए पुलिस द्वारा नाकेबंदी कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
कोरबा शहर में दिन के उजाले में किसी दबंगो द्वारा रंगदारी के लिए गोली चलाये जाने का ये पहला मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोरबा में आरकेटीसी नाम का एक आफिस का संचालन किया जा रहा है। जहां कोयला का काम देखा जाता है।
कम्पनी के झारखण्ड में भी एक आफिस है जंहा काम करने वाले स्थानीय है झारखण्ड में ही अमन साहू नाम का एक व्यक्ति जो किसी गैंग का संचालन करता है। बताया जा रहा है कि कोयला का काम करने वाले जितने भी पार्टी है उनसे रंगदारी वसूली करना ही उसका मुख्य धंधा है।
रंगदारी वसूली का हो सकता है मामला
सूत्रों के मुताबिक आरकेटीसी के संचालक से लंबे समय से रंगदारी वसूली के लिए दबाव बना रहा था। लेकिन कंपनी का संचालक उसके बातो को दरकिनार कर अपना काम करते आ रहा था। ये बात अमन साहू को नागवार गुजरी और अपना वर्चस्व जमाने के लिए उसने आरकेटीसी के झारखण्ड आफिस में गोली चलवाई थी।
आरकेटीसी के संचालक लंबे समय से कोरबा में कोयला का काम कर रहा है इस बात की जानकारी उसको थी। बताया जा रहा है कोरबा में भी आरकेटीसी के संचालक को फोन के माध्यम से धमकिया देता आ रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि आरकेटीसी के संचालक को अपना दबदबा दिखाने के लिए अपने गैंग के एक व्यक्ति को कोरबा स्थित आरकेटीसी के ऑफिस में हमला करने के लिए रवाना किया होगा।
शुक्रवार की दोपहर को बाइक से एक व्यक्ति आरकेटीसी के दफ्तर के सामने खड़ा होता है और अपने पास रखे बंदूक से आफिस के सामने गेट को गोली मारता है। आरकेटीसी के गेट में लगा मोटा कांच होने की वजह से गोली आफिस के अंदर तो नही गई पर आफिस का शीशा टूट गया। गोली चलने के बाद आफिस में दहशत फैल गई और सभी आफिस के अंदर ही अपने आप को सुरक्षित करने भागने लगे।
घटना की जानकारी होने पर पुलिस का आलाधिकारी अमला मौके पर जा कर मामले की जांच में जुट गया। फिलहाल गोली चलाने वाले आरोपी की पहचान नही हो पाई है पर उसके पर्चे ने इस बात की पुष्टि जरूर कर दी है कि झारखंड मयंक साहू ने ही इस वारदात को अंजाम दिलवाया है।
फिलहाल इस पूरे मामले से पर्दा आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद ही उठ पायेगा की आखिर इस मामले के पीछे का मकसद क्या है।