कोरबा:- हसदेव दर्री बराज के नीचे 22 करोड़ की लागत से बन रहा समानांतर पुल का काम 6 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया। जून से आवाजाही शुरू करने का दावा किया जा रहा था, लेकिन अभी 15 प्रतिशत काम बाकी है। पुल की फिनिशिंग और लोड टेस्टिंग में ही 2 माह से अधिक का समय लग सकता है। बराज पुल सड़क का निर्माण अधूरा होने से लोगों की समस्या बढ़ गई है।

हसदेव बराज पुल 58 साल पुराना है। इसका निर्माण विभागीय निरीक्षण के लिए किया गया था, लेकिन पश्चिम क्षेत्र को जोड़ने के लिए कोई और पुल नहीं होने से आम लोगों के लिए खोल दिया गया। भारी वाहनों की आवाजाही की वजह से बराज को कोई नुकसान ना हो इसके लिए 22 करोड़ की लागत से वर्ष 2016 से समानांतर पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी सेतु निगम है। बीच में ठेका कंपनी ने काम बंद कर दिया और इसके बाद कोविड की वजह से काम बंद होने से अब तक अधूरा पड़ा है। सबसे अधिक परेशानी बालको क्षेत्र के लोगों को हो रही है।

ध्यानचंद चौक से गोपालपुर तक टू लेन सड़क निर्माण करने के लिए पहले बराज पुल सड़क को बनाया जा रहा है। इसकी वजह से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। 3 महीने बाद भी 80 मीटर सड़क नहीं बन पाई है। लोगों को 16 किलोमीटर घूम कर आवाजाही करनी पड़ रही है। अब बारिश के कारण काम प्रभावित हो रहा है।

दोनों छोर का एप्रोच रोड का काम भी पूर्ण नहीं हुआ
समानांतर पुल की ढलाई का काम पूरा कर लिया गया है, लेकिन दोनों छोर पर एप्रोच रोड का काम बाकी है। मिट्टी गीली होने के कारण अभी काम भी नहीं करा सकते। जब तक मौसम नहीं खुलेगा तब तक सड़क निर्माण भी संभव नहीं है।

पुल की 638 मी. लंबाई 12.90 मी. की चौड़ाई
पुल का निर्माण भवानी मंदिर के किनारे में ही कराया जा रहा है। इसकी लंबाई 638 मीटर और चौड़ाई 12 दशमलव 90 मीटर है। दोनों छोर पर एप्रोच रोड के लिए जगह खाली करा लिया गया है।

स्कूल छात्र व ड्यूटी जाने वाले कर्मचारी परेशान
पश्चिम क्षेत्र में केवी और डीपीएस स्कूल है। जहां शहर के साथ बालको क्षेत्र के छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल खुलने के बाद बस संचालक 16 किलोमीटर घूमने तैयार नहीं हैं। पालक अपने बच्चों को पुल के आगे तक छोड़ते हैं इसके बाद बस में जाते हैं। यही हाल पावर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की है।

निर्माण की अवधि 5 बार बढ़ाई गई फिर भी अधूरा
पुल निर्माण की अवधि अब तक 5 बार बढ़ाई जा चुकी है। शुरुआत में फरवरी 2018 में काम पूरा करना था। इसके बाद दिसंबर 2018 तक समय तय किया गया। तीसरी बार दिसंबर 2019 और चौथी बार मार्च 2020 तक का समय निर्धारित था। कोविड के कारण काम बंद होने के कारण मार्च 2022 तक काम पूर्ण करना था। लेकिन जून माह तक भी निर्माण अधूरा रह गया है।