कभी सुना करते थे कि दवा के साथ साथ दुआ भी जरूरी है, आज क्वारेंटाइन सेंटर पर लोगों को सचमुच दवा की जरूरत नहीं क्योकि लोग बीमार नहीं पर शांति व दुआ की जरूरत जरूर पड़ रही (डॉक्टर संजय गुप्ता प्राचार्य आई.पी.एस)
जो अपने मन के भय पर जीत पा ले वह दूसरों को भी भयमुक्त कर सकता है, कोविड-19 से भयभीत होने की नहीं बल्कि सूझबूझ समझदारी के साथ सामना करने की जरूरत है (डॉ. संजय गुप्ता प्राचार्य आई.पी.एस)
कोरबा:- वैश्विक त्रासदी के दौरान जो कोई एक डिस्ट्रिक्ट या स्टेट या कंट्री से दूसरे डिस्ट्रिक्ट, स्टेट या कंट्री में मूवमेन्ट कर रहे हैं तो ऐसे यात्रियों को कुछ दिनों के लिए निगरानी हेतु क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है। जिससे कि अगर कोई कोविड-19 पॉजिटिव हो तो क्वारेंटाइन ड्यूरेशन में उनके लक्षण पनपने पर, उभरने पर उन्हें सम्बन्धित चिकित्सा व्यवस्था मुहैय्या करवाई जा सके। जिन क्वारेंटाइन सेंटर पर सम्बन्धित चिकित्सा व्यवस्था हेतु एमरजेंसी सुविधा मुहैया करवाने हेतु पैरामेडिकल स्टॉफ को तैनात किया गया है, जो कि अपनी जान को जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने हेतु अपनी सेवाएं लगातार प्रदान कर रहे हैं, आईपीएस दीपका के प्राचार्य ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बतलाया कि क्वारेंटाइन सेंटर में सेवारत पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड-19 वॉरियर्स के तौर पर सम्मानित किया गया। उन्होंने जो वैश्विक त्रासदी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को लगातार चिकित्सा सेवा मुहैय्या करवा रहे हैं तो समाज के प्रति उनके सेवा व समर्पण भावना हेतु उन्हें सम्मानित किया गया, पैरामेडिकल स्टॉफ के सदस्यों ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बतलाया कि किस तरह शुरुवाती दौर में उन्हें तनिक भय की असमंजस की स्थिति की वजह से उनके मन मे भी भय व्याप्त हो चुका था। इस महामारी के चपेट में हम भी आ गये तो क्या होगा। फिर अपने भय से जीत पाकर निर्भय होकर जब सेवा प्रदान करना शुरू किए तो कार्य सहज ही होने लगा व अब तो लगता ही नहीं कि ऐसी कोई विपरीत परिस्थिति आई है। अब तो इसके साथ जीना सीख चुके तो भय भी खत्म सा हो गया। हां वो सारे एहतियात हम बरत रहे हैं जो इस कोविड-19 महामारी से हमें प्रोटेक्ट करने के लिये आवस्यक हैं, जैसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, हैंड सैनिटाइज करना, हैंड वाश, मास्क लगाना इत्यादी सभी तरह के नियमों का पालन करते हुए हम अपने आप को प्रोटेक्ट किये हुवे हैं व कुदरत से यही दुआ करते हैं कि जल्द ही सम्पूर्ण विश्व इस त्रासदी से उबरकर बाहर आये जल्द ही दुख के काले बादल छट जाए, हम सभी के मन मे एक उम्मीद सी लगी हुई है कि कभी तो यह दुःख के बादल छठेंगे व सुख के दिन आएंगे आमतौर पर हम देखते हैं सबके व्यक्तिगत जीवन में भी जबकभी कोई समस्या आती है तो एक निश्चित समय के पश्चात वह समस्या चली भी जाति है बिल्कुल उसी तरह वैश्विक स्तर पर आई यह कोविड-19 रूपी समस्या भी कभी ना कभी चली जायेगी क्योकि कोई भी चीज सदा के लिए नहीं रहती यह कोविड-19 भी सदा के लिये नहीं रहेगी यह परीक्षा बनकर हमारे सामने आई है जिस परीक्षा में पास होने के लिये हम सभी को अपने मन को स्टेबल बनाये रखना है चूंकि अगर मन स्टेबल रहेगा तब ही हम सही निर्णय ले सकेंगे सही कार्य कर सकेंगे अन्यथा अनस्टेबल माइंड तो हमें और भी समस्या में डाल देगा, आमतौर पर मरीज आता था अपनी बीमारी का इलाज करवाने पर यहां हमें लोगों को मानसिक तौर पर शशक्त करना है चूँकि सबका मन अनिश्चितता के वजह से अन स्टेबल सा होने लगा है सबके मन मे भय अनिश्चितता बनी हुई है कि आगे क्या होगा लोगों के पास कभी समय नहीं था एक मिनट का भी आज उन्हें क्वारेंटाइन कर रखा गया है तो एकांत में सबको अटपटा सा तो लग ही रहा है पर उनकी अपनी सुरक्षा व समाज की सुरक्षा हेतु उन्हें ऐसा करना भी जरूरी है अन्यथा अगर थोड़ी सी भी लापरवाही होगी तो वह केवल अकेले इसका शिकार नहीं होंगे बल्कि उनके परिवार व सम्बन्ध संपर्क में आने वाले सभी प्रभावित होंगे नुकसान सबका होगा तो भारत सरकार ने जो नियम बनाये हैं उन गाइड लाइन्स का दृणता से पालन करना है व लोगों को करवाना है जिससे ही हम सभी सुरक्षित रहेंगे।
आगे डॉक्टर संजय गुप्ता (प्राचार्य आई.पी.एस.) नें बतलाया कि क्वारेंटाइन सेंटर में तैनात अपने जान जोखिम में डालकर कोविड-19 से लोगों की रक्षा करने में तैनात पैरामेडिकल स्टॉफ को उनके जज्ब्बे के लिए उनकी सेवा तथा समपर्ण भावना के साथ दी गई सर्विस हेतु उन्हें कोविड-19 वॉरियर्स के तौर पर सम्मानित किया गया सम्मानित हुवे सदस्यों के नाम इस कदर हैं डॉक्टर यू एस जायसवाल, श्री दिल मोहन दास, आर. चौधरी, श्री नीलकंठ जायसवाल, जॉनी आसना, श्री राम दास महंत, श्री मुकेश, श्री निमिष वैष्णव, श्री जय देव, श्री धर्म पाल राय, श्री इंदर पटेल इन सभी पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड-19 वॉरियर्स के तौर पर सम्मानित किया गया साथ ही कर्नल राकेश चौधरी व श्री सुरेश गोप सेक्युरिटी ऑफिसर हुवे सम्मानित।