उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही की आशंका है। इसके चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर हैं। पानी के तेज बहाव में कई घरों के बहने की आशंका है। आस-पास के इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से सुरक्षित इलाकों में पहुंचने की अपील की जा रही है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं। मौके पर रेसक्यू टीम भी पहुंच चुकी हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए सीएम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में चमोली का भयानक मंजर कैद हो चुका है, जो कि कहीं ना कहीं केदारनाथ में घटित 2013 की घटना को याद दिलाता है, आज से सात साल पहले इस घटना में भी जान-माल की हानि हुई थी। चमोली की इस घटना में लापता 50 लोगों के लिए रेस्क्यू टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा आईटीबीपी और सेना की मदद ली जा रही है। वहीं, निचले इलाकों को तेजी से खाली कराया जा रहा है।
चमोली जिले के रैणी गांव के ऊपर वाले हिस्से में ये ग्लेशियर टूटा है, जिस कारण यहां पावर प्रोजेक्ट ऋषि गंगा को भारी नुकसान पहुंचा है।