नई दिल्ली:- देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का पहला केस सामने आने से हड़कंप मच गया है. इस मामले को लेकर एलएनजेपी अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि यह मामला 2 दिसंबर को आया था. संक्रमित व्यक्ति तंजानिया से हवाई यात्रा कर दिल्ली आया था. जबकि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज को वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं. इसके साथ उसके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस किया जा रहा है. यही नहीं, इसके साथ भारत में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है.
दिल्ली के LNJP अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि तंजानिया लौटने वाले मरीज ने गले में खराश, कमजोरी और शरीर में दर्द का अनुभव किया था. वहीं कोरोना की दो डोज लगने के कारण उसमें हल्के लक्षण थे. इसके साथ कुमार ने कहा कि एलएनजेपी में भर्ती सभी 17 कोविड मरीजों की हालत स्थिर है. जबकि आज 4 और लोगों को भर्ती किया गया है. वहीं, ओमिक्रॉन के मामलों की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है.
अलग वार्ड में आइसोलेट किया मरीज
वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि यह मरीज तंजानिया से लौटा था. उन्होंने कहा कि मरीज को हमने अलग वार्ड में आइसोलेट किया हुआ है. इसके साथ अब तक कोरोना पॉजिटिव मिले सभी 17 मरीज एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें उनके संपर्क वाले 6 मरीज भी शामिल हैं. वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 12 लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग हुई, इसमें से 1 ओमीक्रोन संक्रमित मिला है.
कर्नाटक में दो, गुजरात और महाराष्ट्र में मिला एक-एक मरीज
देश में ओमिक्रॉन का पहला मामला एक 66 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी नागरिक में मिला था, जो कि अब भारत छोड़ चुका है. यह शख्स 20 नवंबर को बेंगलुरु पहुंचा था और हवाई अड्डे पर उसकी जांच करने पर रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद 23 नवंबर को उसका रिजल्ट निगेटिव आया. हालांकि इस दौरान उसका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग भेजा गया था, लेकिन जब तक रिपोर्ट (ओमिक्रॉन पॉजिटिव) आयी, तब तक वह देश छोड़ चुका था. वहीं, ओमिक्रॉन का दूसरा मरीज भी कर्नाटक में भी मिला. एक 46 वर्षीय डॉक्टर इस वेरिएंट से संक्रमित पाया गया है, जिसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है.
वहीं, देश में ओमिक्रॉन का तीसरा केस 72 वर्षीय व्यक्ति में मिला, जो जिम्बाब्वे से गुजरात के जामनगर पहुंचा था. वह 28 नवंबर को पहुंचा और 2 दिसंबर को ओमीक्रॉन से संक्रमित मिला. जबकि चौथा मामला महाराष्ट्र में एक 33 साल के मरीन इंजीनियर में मिला. वह अप्रैल से ही जहाज पर था, इसलिए उसका टीकाकरण नहीं हुआ है. इस बात की जानकारी कल्याण डोंबिवली नगर निगम अधिकारी ने दी है.
केंद्र के अनुसार, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल को ‘जोखिम वाले देशों’ की सूची में शामिल किया गया है. नए नियमों के अनुसार, ‘जोखिम वाले देशों’ से आने वाले यात्रियों को आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य है और उन्हें परिणाम आने के बाद ही हवाई अड्डे से जाने की अनुमति होगी. इसके अलावा अन्य देशों से आने वाले दो प्रतिशत यात्रियों की जांच की जाएगी और इस जांच के लिए किसी भी यात्री के नमूने लिए जा सकते हैं.