
रायपुर:- प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। संक्रमितों की संख्या दिन पर दिन प्रदेश में बढ़ते ही जा रही है। प्रदेश सरकार ने अस्पतालों में बेड की समस्या को दूर करने नए बेड स्थापित करने के आदेश दिए। लेकिन अस्पतालों में लगातार ड्यूटी लगाए जाने से डॉक्टरों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डॉक्टर्स की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा को लेकर बनाए मापदंड का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
ये मामला राजधानी रायपुर (raipur) के माना कोविड हॉस्पिटल (Mana Covid Hospital) का है। डेडिकेटेड कोविड अस्पताल माना में कार्यरत 12 डॉक्टरों की ड्यूटी लगातार विगत 3 महीनों से वही पर जारी है। वहां पर बहुत बार बोलने के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर कोविड-19 हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार ड्यूटी लगाने से मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ड्यूटी रोटेशन नहीं की जा रही और लगातार हाई रिस्क जोन में काम करवाया जा रहा है।

डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य मुख्यमंत्री, संचालक चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ आदि को ज्ञापन लिखकर कहा है कि
- डेडीकेटेड कोविड अस्पताल माना में कोविड ड्यूटी कर रहे सभी 12 चिकित्सकों की अस्थाई पदस्थापना दिनांक 28.05.2020 में हुई है। पिछले 3 महीनों से लगातार कोविड ड्यूटी (कोरोना) में कर रहे है। लगातार इतने ड्यूटी से हम चिकित्सकों को शारीरिक व मानसिक पीड़ा समस्या हो रही है।
- पूर्व में हमारे एक चिकित्सक साथी ड्यूटी में कार्य करते कोरोना पॉजिटिव हो गए थे, उसके बाद भी ड्यूटी लगाई जा रही है। कोविड 19 मे कार्य के दौरान बहुत से चिकित्सकों की मृत्य भी हो चुकी है।
- इस वैश्विक महामारी के चलते हम सभी डॉक्टर लगातार ड्यूटी में तैनात है। लगातार कोरोना मरीजों के बीच कार्य करने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। लगातार ड्यूटी करने से शरीर में वायरल लोड का खतरा बना हुआ है।
- Government of Karnataka & Department of Psychiatry, NIMHANS के अनुसार भी चिकित्सको में मानसिक तनाव को कम करने के लिए रोटेशन में ड्यूटी लगनी चाहिए।
डॉक्टरों की मांग है कि जैसे दूसरे कोविड हॉस्पिटल में डॉक्टरों की ड्यूटी में रोटेशन हो रहा है, वैसे ही माना कोविड हॉस्पिटल में भी किया जाये। जिससे हमारा भी कोरोना संक्रमित होने का खतरा कम हो और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव ना पड़े।