नई दिल्ली:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कई अहम फैसलों का ऐलान किया. बैठक में दुनिया की सबसे मंहगी दवा जोलगेन्स्मा को जीसएटी से छूट देने का फैसला किया गया. इसके अलावा एक और महंगी इंपोर्टेड दवा विल्टेप्सो को जीएसटी से छूट दी गई. बता दें कि इन इंपोर्टेड दवाओं के एक डोज की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है. इनकी गिनती दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में होती है.

कई लाइफसेविंग दवाओं पर भी जीएसटी छूट का फैसला लिया गया है. सीतारमण ने कहा कि कुछ लाइफसेविंग दवाएं जो बहुत महंगी हैं, जो बच्चों के लिए ज्यादा इस्तेमाल की जाती हैं. ये कोरोना से संबंधित नहीं हैं. ऐसी ड्रग्स को जीएसटी से छूट दी गई है. इस पर अब जीएसटी नहीं लगेगा. जोलगेन्स्मा और विल्टेप्सो ऐसी ही 2 महत्वपूर्ण ड्रग्स हैं.

कोरोना की दवा पर जीएसटी छूट जारी रहेगी
वित्त मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि कोरोना के इलाज से जुड़ी जिन दवाओं पर जीसएटी दर 30 सितंबर तक के लिए घटाई गई थी, उसे बढ़ाकर अब 31 दिसंबर कर दिया गया है. जीएसटी दर में यह कटौती सिर्फ रेमिडेसिवियर जैसी दवाओं के लिए है. इसमें मेडिकल उपकरण शामिल नहीं है.

जीएसटी में शामिल नहीं होगा पेट्रोल-डीजल
वहीं, वित्त मंत्री ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करने का यह सही समय नहीं है.