दिल्ली:- देश भर में कोरोना के बिगड़ते हालात पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की. लेकिन इसी मीटिंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का संबोधन विवाद का कारण बन गया है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में अरविंद केजरीवाल ने जो संबोधन दिया, उसे दिल्ली सीएम की तरफ से लाइव किया गया. ऐसे में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की बातचीत लाइव करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोका तो अरविंद केजरीवाल ने इसपर खेद जताया और आगे से ध्यान रखने की बात कही. हालांकि इसपर अब दिल्ली के मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से सफाई भी दी गई है.

मीटिंग में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली आने वाली ऑक्सीजन को कई राज्यों ने रोका है. अब इस पूरे मामले पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने केजरीवाल पर निशाना साधा है. यूपी सीएम ने ट्वीट करते हुए कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी नाकामयाबियों को छिपाने के लिए दूसरों पर निराधार आरोप प्रत्यारोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है. राजनीति का यह अभद्र और घटिया आचरण है. हम इसकी निंदा करते हैं.

सीएम योगी ने कहा कि आज इनका (सीएम अरविंद केजरीवाल) एक और कारनामा उस समय भी देखने को मिला जब आदरणीय प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में चल रही उच्च स्तरीय बैठक, जिसमें देश के कई वरिष्ठ मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्रीगण भी मौजूद थे, उस बैठक की गोपनीयता को भंग कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास इन्होंने किया.

गुजरात सीएम ने भी किया केजरीवाल का घेराव
वहीं यूपी सीएम के अलावा गुजरात सीएम विजय रुपाणी ने भी दिल्ली सीएम के खिलाफ मोर्चा खोला है. उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री के साथ आज की बैठक में मीडिया को सीधे लाइव फीड देने का दिल्ली के मुख्यमंत्री का कृत्य प्रोटोकॉल के विरुद्ध, शर्मनाक और निंदनीय है. कोरोना नियंत्रण के गंभीर विषय पर जब सारा देश एक होकर प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे समय में सीएम केजरीवाल का यह कदम अशोभनीय है.

गुजरात सीएम ने कहा कि अपने 45 साल के सामाजिक जीवन और 5 साल के मुख्यमंत्री काल में मैंने अरविंद केजरीवाल की तरह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करने वाला मुख्यमंत्री नहीं देखा. इस कृत्य की निश्चय ही भर्त्सना की जानी चाहिए.

क्या बोले केजरीवाल?
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. सीएम केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि वह मुख्यमंत्रियों को निर्देश दें ताकि दिल्ली तक ऑक्सीजन टैंकरों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित हो सके.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय योजना की जरूरत है.’’ प्रधानमंत्री से ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने का अनुरोध करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘‘केंद्र को सेना के जरिए सभी ऑक्सीजन संयंत्रों को अपने अधीन लेना चाहिए और ऑक्सीजन के हर ट्रक के साथ सेना का वाहन चलना चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ओडिशा और पश्चिम बंगाल से दिल्ली आने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति या तो हवाई मार्ग से लाई जानी चाहिए या केंद्र द्वारा शुरू की गई ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से मंगाई जानी चाहिए.’’

राज्य और केंद्र सरकार को अलग-अलग कीमतों पर टीके मिलने के विषय को बैठक में उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकारों को कोविड-19 के टीके केंद्र सरकार के समान कीमतों पर ही मिलने चाहिए.