नई दिल्ली:- ‘आप पोर्न वीडियो देखते हैं, इसलिए आपको 3000 रुपए जुर्माना देना होगा.’ कुछ इसी तरह का नोटिस देखकर लोगों को चकमा देने वाला एक गिरोह राजधानी में इन दिनों सक्रिय है. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ऐसे 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को पोर्न देखने के नाम पर फर्जी तरीके से धमका कर उनसे पैसे वसूलते थे. साइबर धोखाधड़ी के इस अजीबो-गरीब मामले का आज दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि इन तीनों आरोपियों ने कम से कम 1000 लोगों को ऐसे धमकी भरे नोटिस भेजे, जिनमें पॉर्न वीडियो देखने के नाम पर फर्जी तरीके से जुर्माना वसूला गया.
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए कहा है कि आरोपियों के पास से कुछ खातों की भी जानकारी मिली है, जिनके जरिये 30 से 40 लाख रुपए का लेन-देन किया गया है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को इंटरनेट यूजर्स को धमकी देने, उनसे पोर्न देखने के नाम पर फर्जी तरीके से जुर्माना वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया है. साइबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी इतने शातिर तरीके से इंटरनेट यूजर्स को नोटिस भेजते थे कि लोग झांसे में आ जाते थे. इंटरनेट यूजर्स को जब आरोपियों की तरफ से पोर्न वीडियो देखने और उस पर जुर्माने का नोटिस मिलता, तो वे डर के मारे जुर्माना भर देते थे.
Delhi Police’s CyPAD arrests 3 persons for sending fake notices to internet users, claiming they were watching porn & threatening to charge Rs 3000 as fine. Several accounts with transactions of Rs 30-40 lakh have been identified. Over 1,000 people have been duped: Delhi Police
— ANI (@ANI) July 26, 2021
दिल्ली पुलिस ने पोर्न देखने के नाम पर फर्जी तरीके से जुर्माना वसूली का भांडा फोड़ा
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से लगातार साइबर धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं. पिछले सप्ताह भी पश्चिमी दिल्ली जिले के साइबर सेल की टीम ने एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक यह गैंग अमेरिका और कनाडा के नागरिकों से ऑनलाइन जालसाजी को अंजाम दे रहा था. गैंग के सदस्य इंटरनेट पर फर्जी पॉप-अप्स भेजकर लोगों को उनके सिस्टम में तकनीकी खराबी आने का मैसेज भेजते थे और बदले में उनसे पैसा लिया जाता था. गिरोह लोगों को कंप्यूटर में वायरस आने जैसी सुरक्षा संबंधी सूचनाएं भेजकर फर्जीवाड़े को अंजाम देता था.