रायपुर, 27 अप्रैल, 2021। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. छेदीलाल तिवारी नही रहे। कोरोना से संक्रमित होने पर उन्हें सुयश अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
छेदीलाल संघर्ष से मुकाम हासिल करने के जीवंत उदाहरण थे। वे ऑटो ड्राइवर से जनसंपर्क विभाग ने नौकरी शुरू किए थे। उन्हें पढ़ने-लिखने का इतना जुनून था कि ऑटो चलाते हुए स्नातकोत्तर और फिर पीएचडी कर डाली। उनके लगन और प्रतिभा से मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इतने प्रसन्न हुए कि आउट ऑफ वे जाकर छेदीलाल को सूचना सहायक पद पर प्रमोशन दे दिया। ऐसे छेदीलाल कोरोना से हार गए। कोरोना ने उनके मनोबल को तोड़ दिया था । वह हॉस्पिटल से इंजेक्शन के लिए मैसेज करते रहे । जनसंपर्क विभाग के अधिकारी लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहकर उनके लिए प्रयास करते रहे, अन्य साथियों ने भी अपने अपने स्तर पर प्रयास किए । लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका ।
जनसंपर्क आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, छेदीलाल तिवारी जी का हंसमुख चेहरा , क़िस्सा सुनाने की उनकी शैली बार बार याद आती रहेगी। अपने काम के प्रति समर्पित थे । मासिक बैठक में हमेशा सबसे ज़्यादा समाचार उन्ही के होते थे ।